बेरोजगारी ने बनाया नशे का तस्कर

देहरादून- देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर  युवाओं के अपराध की ओर कदम खुद-ब-खुद खींचते चले जाते हैं  जब आदमी की जेब में आना भी ना हो और उसे रोजगार भी ना मिले तो वह कोई दूसरे तरीके ढूंढता है और इन्हीं तरीकों में सबसे आसान और अच्छा नशे का कारोबार है  जिसमें कानून में ज्यादा  सजा का भी प्रावधान नहीं है और कमाई भी अच्छी हो जाती है ,वही उत्तराखंड जो की एजुकेशन हब है यहां पर पूरे देश और दुनिया के छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं,  इसी के मद्देनजर अपराधी इस  धंधे को ज्यादा सटीक मानते हैं और बाहर से नशीली पदार्थ लाकर कॉलेजों के आसपास बेचते हैं  इस में बेरोजगारी ही इसका मुख्य कारण है अपराधियों को बेरोजगार युवाओं का इस्तेमाल करने में आसानी होती है क्योंकि उनके पास खर्चे के लिए रूपया भी नहीं होता है  और वह इस धंधे में आसानी से  उनके जाल में फंस जाते हैं , इसीलिए पुलिस समय-समय पर नशे के विरुद्ध  चलाए जा रहे अभियान के अन्तर्गत  पुलिस ने विकासनगर के निकट पर्यवेक्षण में थाना सहसपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों आदि का चेकिंग अभियान में एक अादमी को अवैध चरस सहित चांचक रास्ते से अंतर्गत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई,अभियुक्त से गहनता से पूछताछ की गई तो इसके द्वारा बताया कि अभियुक्त बेरोजगार है और नशे का आदि है जिसके लिए पैसो की जरूरत होने के कारण कुछ
महीनों से पैसो के लालच में  मिर्जापुर, सहारनपुर आदि से सस्ते दाम पर चरस लाकर सहसपुर एवम आसपास में पढ़ने वाले स्टूडेंट एवम सेलाकुई में काम करने वाले मजदूरों आदि को मोटे दाम में बेचना बताया।पुलिस द्वारा अभियुक्त से बरामद की गई छ: सौ (600) ग्राम चरस  जिस की कीमत करीब ₹ 60 हजार हैं अभियुक्त शराफत पुत्र नशरूद्दीन निवासी ग्राम चांचक थाना सहसपुर, देहरादुन उम्र 25 वर्ष द्वारा पूछताछ पर अन्य नशा तस्करो के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है जिस पर जल्द कार्यवाही की जाएगी।।






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