विधायक राजकुमार ठुकराल ने दिखाई सत्ता की हनक, खाकी को किया बेबस

रूद्रपुर -- न भय न भ्रष्टाचार की राह पर चलने का दावा करने वाली सूबे की भाजपा सरकार में गजब का आलम है। आईएएस अधिकारी खौंफजदा जबकि पार्टी के विधायक थाना कोतवाली में ही दबंगई दिखा रहे हैं।
उन्हें न खाकी की परवाह है न कानून की आबरू की। उन्हे सिर्फ अपनी हनक और रसूख का ही ख्याल रहता है। रत्ती भर भी ऊंच नीच हो जाए तो सत्ता के घोड़े पर सवार विधायक साहब बिदक जाते  हैं। रुद्रपुर के भाजपा विधायक राजकुमार ठकुराल जिन्होने सत्ता के घोडे को अपनी हनक से बेलगाम बना दिया है। ठकुराल ने अपनी हरकतों से न केवल सूबे की सरकार पर उंगली उठाने का मौका दिया बल्कि उस खाकी को भी शर्मिंदा कर दिया जिस पर कानून की रखवाली का जिम्मा था। खबर है कि खाकी हाथ जोड़ती रह गई लेकिन विधायक साहब के गुस्से का पारा नीचे नहीं उतरा। ठकुराल  ने उस शख्स को रुद्रपुर कोतवाली में ही पुलिस के सामने बुरी तरह धुन दिया जिसने उन्हें बीते दिनों फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी।सूत्रों की माने तो बीती शाम जैसी ही रुद्रपुर विेधायक राजकुमार ठुकराल को जैसे ही पता चला कि पुलिस उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को मेरठ से रुद्रपुर कोतवाली में ले आई है, विधायक भी आनन फानन में कोतवाली पहुंच गए। सतीश नाम के शख्स को देखते ही भाजपा विधायक ठकुराल का पारा चढ गया और उन्होंने कानून हाथ में लेकर आरोपी सतीश को पुलिस के सामने ही धुन दिया। सूत्र कहते हैं कि इस बीच पुलिस के सिपाही ने इस मारपीट की वीडियो बनाने की कोशिश भी की लेकिन ठुकराल की धौंस के चलते उसे वीडियो डिलीट करना पड़ा।
गौरतलब है कि इसी हफ्ते रुद्रपुर के भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल को किसी अज्ञात शख्स ने उन्हे फोन पर जान से मारने की धमकी दी थी। विधायक राजकुमार  ठुकराल ने बताया था कि दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के दौरान उनके  मोबाईल पर अज्ञात नंबर से उन्हें लगातार 18 कॉल आई थी। बैठक में व्यस्त रहने के दौरान तो वे कॉल रिसीव नहीं कर पाए लेकिन जैसे ही वक्त मिला उन्होंने फोन रिसीव किया था। इस में ठकुराल को धमकाया गया था और अभद्र भाषा का इस्तमाल करते हुए सीधे उनकी लाश गिराने की बात कही गई थी। जिसकी रपट कोतवाली रुद्रपुर  में विधायक के छोटे भाई संजय ने दर्ज करवाई। मामले की नजाकत को भांपते हुए रुद्रपुर पुलिस ने तेजी दिखाई और तफ्तीश में जुटते हुए आरोपी शख्स को हिरासत में ले लिया।
बहरहाल बड़ा सवाल है कि क्या भाजपा विधायक अपनी हनक के चलते अपनी ही सरकार को क्यों बदनाम कर रहे हैं। उससे भी बड़ा सवाल ये है कि,क्या विधायक राजकुमार ठुकराल इस देश के कानून से बड़े हैं, क्या विधायक को कानून हाथ में लेने का अधिकार  है ? सवाल ये भी है कि अगर पुलिस हिरासत मे आरोपी के साथ विधायक की पिटाई से आरोपी को कोई नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा  ? पुलिस या भाजपा विधायक की दंबगई। क्या यही है भय मुक्त सरकार

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