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1500 मीटर महिला वर्ग में प्रथम-एस.थापटन सीआरपीएफ की

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देहरादून-महाराणा स्पोर्ट कालेज देहरादून में प्रारम्भ हुई 66 वीं ऑल इण्डिया पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में निम्न इवेंटस में विजेताओं की सूची--ट्रिपल जम्प (पुरुष वर्ग)प्रथम-अबिन.बी.(केरल) द्वितीय -हरम्रितपाल सिंह(बीएसएफ) तृतीय-रविन्द्र सिंह(पंजाब)ट्रिपल जम्प (महिला वर्ग)प्रथम-जैनीमोल जॉय (केरल)द्वितीय -शिल्पा (केरल)तृतीय-विनीजा विजयन(सीआरपीएफ)-हैमर थ्रो(महिला वर्ग)प्रथम-निधि(बीएसएफ) द्वितीय-सरबजीत कौर(पंजाब) तृतीय मिनाक्षी(सीआईएसएफ)-दौड़ 1500 मीटर(महिला वर्ग) प्रथम-एस.थापटन(सीआरपीएफ) द्वितीय शिवा(बीएसएफ)तृतीय-श्रीदेवी (महाराष्ट्र)-दौड़ 10000 मीटर (पुरुष वर्ग)प्रथम-माखन सिंह(पंजाब)  द्वितीय-गोभाराम(बीएसएफ) तृतीय-राकेश कुमार(राजस्थान)10000 मीटर (पुरुष वर्ग) दौड़ में उत्तराखण्ड के मुकेश रावत पदक पाने से चूके और छठे स्थान पर रहे।1500 मीटर दौड़ (पुरुष वर्ग) हीट में उत्तराखण्ड के हरीश कौरंगा द्वारा दूसरा स्थान पाकर तथा  4X100 मीटर रिले दौड़ में दूसरा स्थान पाकर उत्तराखण्ड द्वारा फाइनल में प्रवेश किया।

अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का शुभारम्भ

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देहरादून -राज्यपाल ने कहा है कि पुलिस व खेलों में गहरा संबंध है। खेलों से लीडरशिप, धैर्य, साहस व अनुशासन जैसे गुणों का विकास होता है। राज्य व केंद्रीय पुलिस बलों के खिलाड़ियों ने सदैव देश का गौरव बढ़ाया है। राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने 66 वीं अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का शुभारम्भ किया। राज्यपाल ने उत्तराखण्ड में पहली बार आयोजित की जा रही अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैम्पियनशिप  के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई दी। उन्होंने इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे सभी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस प्रतियोगिता में उत्तराखंड महिला पुलिस पहली बार प्रतिभाग करेगी राज्यपाल ने कहा कि विश्व स्तर पर पुलिस में खेलों को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि वल्र्ड पुलिस गेम्स का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2017 में लाॅस एंजिल्स में आयोजित वल्र्ड पुलिस गेम्स में भारत का सराहनीय प्रदर्शन रहा था। पुलिस की ड्यूटी बहुत सख्त होती है। इसलिए पुलिस में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए आॅल इण्डिया स्पोर्ट्स बोर्ड का गठन किया गया। भारत में अपने संवैधानिक कर...

सूर्यधार झील के निर्माण से 30 गांवों को जल मिलेगा

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देहरादून-मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शिला की चौकी, थानों में सूर्यधार झील के निर्माण हेतु भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। लगभग 48 करोड़ 53 लाख रूपये की लागत से इस झील का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सूर्यधार झील का नाम स्वर्गीय गजेन्द्र दत्त नैथानी के नाम पर रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि सूर्यधार परियोजना को 03 वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से 30 गांवों को पेयजल, 24 गांवों के लिए सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि सूर्यधार परियोजना से पर्यटन का एक नया क्षेत्र विकसित होगा। जिससे लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस परियोजना से डोईवाला क्षेत्र के लोगों को पूर्ण ग्रेविटी का पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिवर्ष ट्यूबबेल पर सवा दो सौ करोड़ रूपये की बिजली का खर्च होता है। जिसमें से अकेले देहरादून में 65 करोड़ रूपये का खर्च  होता है। सूर्यधार परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 07 करोड़ रूपये की बिजली की बचत होगी जो ट्यूबेल पर खर्च होती है। इस परियोजना से कुल 2083 हैक्टेयर क्...

इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति एच ई रोसैला आर्गेटा सरनो ने गंगा आरती कर मनाया क्रिसमस

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ऋषिकेश  - परमार्थ निकेतन में पीपल का पौधा रोपण कर क्रिसमस का पर्व मनाया गया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सानिध्य में विश्व के अनेक देशों एवं परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने मिलकर पीपल और तुलसी के पौधे का रोपण किया और संदेश दिया प्रतिकात्मक ट्री (पौधे) का रोपण कर पर्व मनाने में वास्तिविक खुशी नहीं मिलती वास्तविक खुशी तो प्राणवायु आॅॅक्सिजन देने वाले पौधों का रोपण कर मिलती है।स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति एच ई रोसैला आर्गेटा सरनो ने पर्यावरण के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।  स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ’क्रिसमस के पर्व पर हम क्रिसमस ट्री के नीचे गिफ्ट रखते है और गिफ्ट की कामना करते है परन्तु मुझे लगता है कि अब गिफ्ट लेने का नहीं प्रकृति को पौधों का गिफ्ट देने का समय है। उन्होने कहा कि हम अब तक संता से गिफ्ट लेते आये है अब शान्ति और अमन का गिफ्ट देने का समय है; प्रकृति को हरित सौगात देने का समय है।स्वामी चिदानन्द सरस्वती  ने क्रिसमस पर्व पर दिये संदेश  में कहा कि...

मैड ने बुजुर्ग संग मनाया क्रिस्मस पर्व

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देहरादून - दून के शिक्षित छात्रों के संगठन, मेकिंग अ डिफ्फेरेंस बाइ बींग द डिफ्फेरेंस  संस्था के सदस्यो ने क्रिस्मस का पर्व प्रेम धाम के अपने बुजुर्ग दोस्तों के साथ मनाया। मैड सदस्यो ने न सिर्फ उनके साथ समय सांझा किया बल्कि उन्होने अपने साथियो के लिये कुछ ताज़े फलो की चाट बनाकर भी खिलायी। क्रिस्मस का पर्व सभी के साथ खुशिया व प्यार बांटने का पर्व है और मैड के सदस्यो ने इसी भाव के साथ इस पर्व को मनाया।  मैड की सदस्य सुभवि ने कहा, "कुछ घंटो की बातचीत ने ही हम सभी को लम्बे समय के लिये मुस्कुराने की वजह दे दी है।" सदस्य राहुल गुरु ने कहा, "मैड के इस अभियान में समाज के अलग अलग पक्ष एक साथ आकर एक दूसरे के लिये खुशी और प्रेर्णा का स्त्रोत बने है।" मैड यही आशा करता है कि शहर के और लोग भी साथ आकर देहरादून को बेहतर बनने की उसकी पहल का हिस्सा बनेंगे। अभियान में राहुल गुरु, शरद महेश्वरी, सुभवि, अक्षिता धवन, हरिता, जाहन्वी, आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की शुरुआत

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 देहरादून- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की शुरुआत ही है। गुड गवर्नेंस की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।. इस शुरुआत के साथ ही इस योजना को लागू करने में उत्तराखण्ड अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन के साथ ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह डैशबोर्ड जो 13 करोड़ रूपये में बन रहा था। उसे गुजरात की फर्म ने जिसका कार्यक्षेत्र अमेरिका में भी है द्वारा देवभूमि की सेवा के रूप  में निःशुल्क बनाया गया है तथा वे इसका रख रखाव भी करेंगे। इस डैशबोर्ड से पता चल सकेगा कि प्रदेश में जन सेवाओं व योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल रहा है अथवा नही, इसके माध्यम से हम सभी विभागों की प्रगति की जानकारी ले सकते है। योजनाओं की धरातल पर वास्तविक क्या प्रगति है, डैशबोर्ड इसकी भी जानकारी देगा अभी इसमें 14 प्रमुख विभाग सम्मिलित है तथा 79 सेवायें इससे जुडी है। जल्दी ही अन्य विभाग भी इससे जुडेंगे...

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया

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 देहरादून-मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सुभाष रोड स्थित वेडिंग प्वाइन्ट में महानगर भाजपा की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन के अवसर पर आयोजित बूथ पर्यंत आजीवन सहयोग निधि संग्रह महा अभियान कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने विपरीत राजनैतिक परिस्थियों के बावजूद उत्तराखण्ड राज्य बनाया। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन के प्रति संकल्पित रहे। सडक से लेकर संसद तक के संघर्ष में उन्होंने कभी मर्यादा नही तोड़ी।उनकी महानता का सभी ने सम्मान किया।  स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से देश को जोड़ने का उन्होंने महान कार्य किया। उनकी सरकार पर कभी कोई दाग नही लगा। अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से हमें दो महत्वपूर्ण शिक्षाएं मिलती हैं। अनुशासन और सुशासन अनुशासन तो हम सभी के लिए व्यक्तिगत जीवन में काफी अहम हो जाता है। लेकिन राजनीति में रहकर अगर जनता की सच्ची सेवा करनी है तो सुशासन के बिना पूरी नहीं होती और अटल बिहार...