हाईप्रोफाइल डकैती में फरार चल रहे दो और इनामी डकैत गिरफ्तार

 देहरादून – कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के भाई शीशपाल अग्रवाल के घर पर 15 अक्टूबर 22 के दिन हुई डकैती के संबंध में थाना डोईवाला, देहरादून पर मु0अ0सं0 -371/22 धारा 395 भादवि पंजीकृत किया गया था। पुलिस द्वारा उक्त अभियोग का तत्काल अनावरण करते हुए अब तक घटना में संलिप्त 05 अभियुक्तों को गिरफ्तारी कर उनके कब्जे से 8,70,300/ रूपये, सोने व हीरे के जेवरात, 01 तमंचा 315 बोर, 02 जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त 01 कार ईको स्पोर्टस , 01 कार स्विफ्ट डिजायर, 01 एक्टिवा व 01 मोटरसाइकिल प्लेटिना बरामद किए जा चुके हैं।


तथा जांच के दौराने मुकदमा उपरोक्त मे धारा- 120बी/34/412 भादवि की बढोत्तरी की गयी।अभियुक्तों पर 25-25 हजार रूपये के पुरस्कार की घोषणा की गयी थी। डकैती के  अभियोग में शेष वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी व बरामदगी में लगी पुलिस टीमों ने 28- अक्टूबर 22 को मुखबिर की सूचना के आधार पर  इनामी अभियुक्त नावेद व वसीम को समय 20ः15 बजे आशारोड़ी देहरादून के पास से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गयी। गिरफ्तार अभियुक्तों से घटना में लूटी हुयी रकम 3,24,000/रूपये, 25 चांदी के सिक्के, 01 गले का हार, 01 जोड़ी पायजेब, लूट के पैसों से खरीदी एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, घटना में प्रयुक्त 02 तमंचे व 02 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तगणो में से वसीम ने घटना के दिन वादी की पत्नी व नौकरानियों को तंमचे के बल पर कमरे में बंधक बनाकर रखा था, जबकि नावेद घटना के दिन बाहर से ही निगरानी करता रहा ।  

गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा गहनता से पूछताछ में घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी है। पूछताछ के आधार पर अन्य अभियुक्त के नाम पते व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को प्राप्त हुयी है। घटना में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी व शेष माल की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा पूछताछ में बताया कि घटना करने के बाद उन्हें सुराग मिल गये थे कि पुलिस को अभियुक्तों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल चुके है, इसलिए इनके द्वारा घटना के अगले दिन ही लूटे गए पैसों से एक मोटरसाइकिल स्प्लेंडर खरीद ली और उसी दिन दोनों अभियुक्तों ने मोटरसाइकिल में बैठकर पुलिस से बचने के लिए मुजफ्फरपुर बिहार की ओर चले गए थे। जब इनको अपने सूत्रों से जानकारी हुई की देहरादून पुलिस द्वारा हम पर ईनाम घोषित कर दिया गया है और हम लोग कहीं भी पहचाने व पकड़े जा सकते हैं, तो यह लोग वापस आए और अभियुक्त वसीम उर्फ काला के देहरादून स्थित रिश्तेदारी में छिपने आ रहे थे ताकि मौका देख कर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर सके। परंतु पुलिस द्वारा उससे पहले ही इन्हें गिरफ्ता60र कर लिया गया।





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