केदारनाथ धाम में ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम हुआ स्थापित

 रुद्रप्रयाग – केदारनाथ में 2013 में आई आपदा के बाद लगातार वैज्ञानिक  एक नई तकनीकी को विकसित करने में लगे हुए थे। जिससे उत्तराखंड के उच्च हिमालय क्षेत्र में वहां  मौसम के बदलाव का पता चल सके और उसकी चेतावनी तीर्थयात्री और पर्यटक को समय से मिल जाये और समय रहते हुए किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले सकें।


इसी प्रयास को आईआईटी के वैज्ञानिकों ने सार्थक किया और केदारनाथ धाम में पल-पल बदलते मौसम की जानकारी केदारनाथ धाम में जाने वाले तीर्थ यात्रियों को अब आसानी से प्राप्त हो सकेगी।इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आईआईटी कानपुर के प्रो. इंद्रसेन से संपर्क कर केदारनाथ धाम में ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम को स्थापित करने को कहा गया।

          जिलाधिकारी से हुई बात के बाद आईआईटी कानपुर के प्रो. इंद्रसेन द्वारा केदारनाथ धाम में ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम लगाने का निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए सिस्टम स्थापित किया  जिससे जल्द ही मौसम संबंधी गतिविधियों की रीडिंग प्राप्त की जा सकेगी। केदारनाथ धाम में वेदर सिस्टम के स्थापित होने से केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों, यात्रा संचालन, हैलीकाॅप्टर संचालन इत्यादि महत्वपूर्ण कार्यों में काफी सहायता प्राप्त हो सकेगी साथ ही केदारनाथ धाम में दर्शन करने आने वाले तीर्थ यात्रियों को मौसम की जानकारी समय से प्राप्त होने से अब  तीर्थ यात्रियों अपनी यात्रा सुगमता के साथ कर सकेंगे।


       

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