देव दिवाली पर लाइट एंड साउंड शो

बनारस–उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, पर्यटन मंत्री उत्तरप्रदेश रीता बहुगुणा जोशी, सतुआ बाबा ने देव दिवाली एवं लेजर, लाइट एंड साउंड शो का उद्घाटन किया। देव दिवाली के अवसर पर काशी नगरी में स्वामी चिदानन्द सरस्वती का अभिनन्दन किया।स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ’’देश की सत्ता और प्रदेश की सत्ता जब अपने पर्वों एवं त्यौहारों को मनाने के लिये धर्मनगरी में पहुंचती है तो देश का उत्साह कई गुणा हो जाता है। कल देर रात देव दीपावली के अवसर पर हजारों-हजारों श्रद्धालुओं ने लाखों-लाखों दीप प्रज्जवलित कर देव दिवाली मनायी। ऐसा लग रहा था मानों सारे देवता ही काशी नगरी में पधार गये है।
भगवान श्री राम जब अयोध्या में पहुंचे तब से दीपावली मनायी जाती है वह भी केवल अयोध्या में नहीं बल्कि पूरे देश में मनायी जाती है। देव दिवाली की ऐसी मान्यता है कि सब देवता काशी नगरी में उतरकर दीपावली मनाते है, सचमुच ऐसा दिव्य नजारा पूरे विश्व में कहीं पर भी देखने को नहीं मिलता। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि मैं अभी-अभी विश्व के कुछ देशों की यात्रा करके लौटा हूँ तो कही भी ऐसा दृश्य कभी भी देखने को नहीं मिला। अद्भुत है भारत, अद्भुत है भारत की संस्कृति, दिव्य है भारत की श्रद्धा। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारत की इस माटी को, इन पर्वों, महोत्सवों और त्यौहारों को प्रणाम करता हूँ जो जीवन को उत्सव बनाने का संदेश देते है।स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि जिस तरह आज हम दिपावली मना रहे है, मुझे तो लगता है भगवान श्री राम का मन्दिर जिस दिन भव्य रूप में बनना शुरू हो जायेगा उस दिन पूरा विश्व और पूरे विश्व में रहने वाले भारतीय दिवाली मनायेंगे ऐसा मेरा विश्वास है। उन्होने कहा कि इस देव दिवाली के अवसर पर हम प्रार्थना करे कि बहुत शीध्र ही भव्यता और दिव्यता के साथ भगवान श्री राम जी के मन्दिर का निर्माण हो। आईये देव दिपावली के अवसार पर हम उन सभी लोगो के दिलों और घरों में दीप जलाये जहां पर निराशा का अन्धकार छाया हुआ है। अंधेरा कही भी हो दिल में या दुनिया सभी जगह से हर तरह के अन्धेरे को मिटाना हमारा परम कर्तव्य है तभी हम समझेगे की हमने  सच्ची देव दिवाली मनायी।उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने कहा, देव दिवाली  देवताओं की दिवाली है इसमें सहभाग करना सौभाग्य की बात है।
उन्होने कहा कि दुनिया की दृष्टि में काशी की जो ख्याति है उसे वहीं स्वरूप प्रदान करना है साथ ही इस धार्मिक नगरी की संस्कृति, संस्कार और सभ्यता को बरकरार रखना भी हमारा कर्तव्य है। उन्होने कहा कि काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनायें रखते हुये वहां पर विकास किया जायेंगा।स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने सभी देशवासियों को देव दिवाली की शुभकामनायें देते हुये सभी से तीर्थ क्षेत्रों को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त करने का आह्वान किया।इस अवसर पर राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, उत्तरप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पान्डे, काशी प्रांत के अध्यक्ष महेशचन्द्र श्रीवास्तव, भाजपा के राष्ट्रीय महसचिव एवं राज्यसभा सांसद डाॅ अनिल जैन, आश्रम के वर्तमान अधिष्ठाता, लोकप्रिय, सरल और सहज महामण्डलेश्वर स्वामी संतोषदास एवं अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।

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