अगला विश्व युद्ध पानी के लिए-मुख्यमंत्री

देहरादून -उत्तराखंड में पहली बार आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेन्ट्री एशोसिएशन ( सी0पी0ए0) इण्डिया रीजन, जोनल-01 की पहली बैठक दून मैं आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक सभा अध्यक्ष  सुमित्रा महाजन ने की। कार्यक्रम में उत्तराखंड मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी शिरकत की।सी0पी0ए0) इण्डिया रीजन, जोनल-01  की बैठक में प्रतिभाग करने पहुँचे बिहार के विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ,उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एच एन दीक्षित ,झारखंड विधानसभा अध्यक्ष दिनेश ओराय दिल्ली के विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल एवं उड़ीसा विधानसभा अध्यक्ष पीके आमत का स्वागत उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने पुष्पगुछ भेंटकर कर किया।उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष  प्रेम चंद अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि उत्तराखंड में पहली बार सीपीए  इंडिया रीजन की जोन 01 की बैठक का आयोजन हुआ है। इस बैठक से ना सिर्फ विधानसभा मैं कार्य संस्कृति का एक नया बदलाव
देखने को मिलेगा साथ ही विकास से जुड़े मुद्दों पर एक सार्थक पहल देखने को मिलेगी। अग्रवाल ने कहा कि सतत विकाश के लक्ष्य को जोड़कर हम कैसे क्षेत्रों में विकास करें इस पर चर्चा इस बैठक के दौरान होनी है।इस अवसर पर सीपीए अध्यक्ष व लोक सभा अध्यक्ष  सुमित्रा महाजन ने  उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष को अध्यक्षीय  शोध क़दम के तहत  उतराखंड में कुछ नये कार्यों को करने पर बधाई दी।उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर विचार रखते हुए कहा कि सक्षम महिलाओं को देश के विकास के लिए आगे आना होगा। प्रत्येक राज्य की विधानसभा मे कुछ एक्सपर्ट्स लोगो को बुलाकर किसी एक मुद्दे को लेकर उनसे एक विषय पर चरचा कर होनी चाहिए ।जैसे कृषि, उद्योग आदि।उन्होंने कहा कि प्रदेश कैसे एक दुसरे से जुड़े ओर विकाश की बात हो इन सब बातों को लेकर ही जोन वाइज़ बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड भाग्यशाली प्रदेश है क्योंकि उत्तराखंड को प्रकृति एवं देवाें का वरदान मिला है बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि विधानसभा सदन नियम के अनुरूप ही चलना चाहिए एवं प्रत्येक जोन की नियमावली में एकरूपता होनी चाहिए।दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि प्रत्येक जोन में एक चेयरमैन नियुक्त होना चाहिए जिसका लगभग कार्यकाल दो साल होना चाहिए ।उन्होने विधानसभा उपाध्यक्षों को भी सीपीए ज़ोन में जोड़ने की बात कही है।उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने इस मौक़े पर कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक विधानसभा की
नियमावली एक समान होनी चाहिए इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी गठित कर काम करने की आवश्यकता है।इस बैठक के दौरान कार्यक्रम का एजेंडा नदियों की स्वच्छता एवं विकास के विषय पर भी चर्चा की गई जिस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पानी के संरक्षण को लेकर ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है क्योंकि अगला विश्वयुद्ध पानी को लेकर ही हो सकता है। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने नदियों की स्वच्छता एवं विकास पर उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर पर एक बृहद सैमीनार आयोजित  करने की अनुमति लोकसभा अध्यक्ष से माँगी।कार्यक्रम के समापन अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष एवं लोक सभा अध्यक्ष को प्रतीक चिन्ह भेंट किए।इस अवसर पर लोकसभा महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव, उत्तराखंड सचिव जगदीश चंद, दिल्ली विधानसभा के सचिव अजय रावल, बिहार के सचिव राजीव कुमार ,छत्तीसगढ़ के सचिव सीएस गंगराडे ,झारखंड सचिव विनय कुमार, उत्तर प्रदेश प्रमुख सचिव पी के दूबे सहित उत्तराखंड विधानसभा के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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