टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड व विद्युत मंत्रालय के मध्य वर्ष 2017-18 के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

ऋषिकेश, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) एवं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के मध्य नई दिल्ली में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए परफारमेंस गांरटी पैरामीटर्स को परिभाषित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सचिव विद्युत पी.के. पुजारी तथा टीएचडीसीआईएल की ओर से अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक  डी.वी. सिंह ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय में अपर सचिव शालनी प्रसाद, संयुक्त सचिव अर्चना अग्रवाल व निदेशक अभिजीत फुकोन तथा टीएचडीसीआईएल के महाप्रबन्धक (एस.पी.)  यू.सी. कनौजिया, अपर महाप्रबन्धक आर.एन. सिंह व उपमहाप्रन्धक संदीप चेकर उपस्थित रहे।इस समझौता ज्ञापन में वर्ष 2017-18 के लिए विद्युत मंत्रालय द्वारा 4600 मिलियन यूनिट (उत्कृष्ट रेटिंग) विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।भागीरथी नदी पर अपनी प्रथम बहुउद्देश्यीय परियोजना टिहरी बांध एवं हाइड्रो पावर प्लांट(एच.पी.पी. 1000 मेगावाट की वर्ष 2006-07, कोटेश्वर हाइड्रो इलैक्ट्रिक प्रोजेक्ट (400 मेगावाट) की वर्ष 2011-12 में तथा 2016-17 में गुजरात के पाटन में (50 मेगावाट) व द्वारका में (63 मेगावाट) विंड पावर प्रोजेक्ट की कमीशनिंग करने के साथ ही 
टीएचडीसीआईएल एक लाभ अर्जित करने वाला संस्थान है जिसकी कुल संस्थापित क्षमता 1513 मेगावाट है। इन परियोजनाओं से 31 मई, 2017 तक कुल 39839.96 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन हो चुका है। टिहरी व कोटेश्वर जल विद्युत परियोजनाओं तथा गुजरात के पाटन व द्वारका में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की कमीशनिंग के उपरांत टीएचडीसी की कुल संस्थापित क्षमता 1513 मेगावाट  हो गयी है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड देश का प्रमुख विद्युत उत्पादक संस्थान होने के साथ ही एक मिनी-रत्न (कटेग्री-प्रथम) व शेड्यूल ‘ए’ दर्जा प्राप्त संस्थान है। 

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