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रेस्टोरेंट के किचन खुले रहेंगे होगी होम डिलिवरी

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देहरादून–कोरोना वायरस कोविड-19 की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में खाद्यान सामग्री की उपलब्धता, ओवर रेटिंग की रोकथाम तथा होम डिलिवरी सुनिश्चित करवाने के सम्बन्ध में आढतियों, मण्डी सचिव, जिला पूर्ति अधिकारी के साथ ही सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहाकि जनपद में अवस्थित रेस्टोरेंट के किचन खुले रहेंगे तथा उपभोक्ताओं के आर्डर पर स्वयं भुगतान के आधार उनके निवास स्थान पर खाने की आपूर्ति कर सकेंगे। इस दौरान रेस्टोरेंट पर खाना खिलाना एवं रेस्टोरेंट खुला रखना प्रतिबन्धित रहेगा। इसी प्रकार आवश्यक सेवाओं तथा गम्भीर रूप से बीमार व्यक्तियों को लाने-ले-जाने रोका न जायेगा।  बैठक में थोक विक्रेताओं को निर्देश दिये कि फुटकर विक्रेताओं के माध्यम से 500 व 1000 रू0 के फूटकर पैकेट भी अतिरिक्त रूप से तैयार करवाकर होम डिलिवरी करवायें। उन्होंने मण्डी परिषद और सम्बन्धित आढतियों को निर्देशित किया कि सब्जी मण्डी से 100 रू0 व 200 रू0 के पैकेट भी अतिरिक्त रूप से होम ड...

कल भी सुबह 7 से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी दुकान

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देहरादून–आवश्यक वस्तुओं की दुकानें कल 28 मार्च को भी सुबह 7 से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आज पहले की अपेक्षा भीङभाङ कम रही है। इसलिए  आज की यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया था ताकि कोरोना से निबटने के लिए ज़रूरी सोशल डिस्टनेसिंग का पूर्ण रूप से अनुपालन कराने के लिए आम जनता को ख़रीदारी के उद्देश्य से पर्याप्त समय मिल जाय और आवश्यक वस्तुओं की दुकानों में एक साथ भीड़ न एकत्र होने पाए। कल भी चौपहिया वाहनों पर रोक रहेगी। फेसबुक लाईव द्वारा अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन तीन आईएफएस अधिकारियों का कोरोना पाजिटिव होने पर ईलाज चल रहा था, उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है और वे अब ठीक होने की स्थिति में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने उनके ईलाज में जुटे चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे चिकित्सकों की सक्षमता को बताता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ बङी लङाई लङी जा रही है। इसमें हम जरूर जीतेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा...

सामाजिक संगठनों ने जरूरतमंदों को पहुंचाया राशन

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देहरादून – भूखे को अन्न, प्यासे को पानी के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठन,संस्थाएं, मंदिर एवं गुरुद्वारे एकजुट होकर दृढ़ संकल्प से साथ जरूरतमंदों को पर्याप्त पके भोजन की व्यवस्था में दिनभर भागादौड़ी में लगे रहे। दूसरी तरफ सरकार द्वारा दी गई हिदायत का भी खासा ध्यान रखा गया। सभी ने ग्लव्स,मास्क एवं सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचने में किसी भी प्रकार की कोताई नही बरती।दूर दराज इलाको तक राशन के पैकेट्स भी वितरित किये गए।सुबह से ही व्हाट्सएप्प ग्रुप भूखे को अन्न, प्यासे को पानी में सूचनाएं आनी शुरू हो गयी थी। जिसको देखते हुए सभी सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर कंट्रोल रूम तय किया। कंट्रोल रूम के निर्देशानुसार टीम को अलग अलग जोन में भेजा गया (शासन की परमिशन के साथ) जहां भोजन की आवश्यकता हुई।सूचना प्राप्त होती गयी उसी अनुसार टीमें रवाना होती गयी। इसी कर्म में सहस्त्रधारा रोड के किनारे रहने वाले बागड़िया एवं मजदूरों को भोजन की आवश्यकता पता चलते ही उनके लिए 5 किलो चावल,5 किलो आटा,चायपत्ती,चीनी,आलू,प्याज,रिफाइंड आदि पहुँचाया गया। जाने पर मालूम हुआ कि जरूरतमंद मजदूरो...

पुलिस ने मजदूर परिवारों को खाने के पैकेट बंटे

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 रानीपोखरी –रानीपोखरी पुलिस द्वारा जाखन नदी किनारे झुग्गी झोपडी मे रह रहे बिहार उत्तर प्रदेश झारखण्ड राज्यों  के मजदूर परिवारों को  उपलब्ध कराई खाद्य सामाग्री। वर्तमान मे जनपद देहरादून में कोरोना वायरस के संक्रमण की  रोकथाम के लिए 22- मार्च से लगातार जनता कर्फ्यू व लाँक डाउन चल रहा हैं। जिसके दृष्टिगत नदी में खनन कार्य बन्द चल रहा है, खनन कार्य के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश व झारखण्ड राज्यों से आये मजदूर परिवार वर्तमान में रानीपोखरी स्थित जाखन नदी किनारे स्थित झुग्गी झोपडी में रह रहें है।  जिनके द्वारा थानाध्यक्ष रानीपोखरी को बताया गया कि लाँक डाउन में काम न मिलने के कारण उनके पास रुपये समाप्त हो गये हैं। जिसके कारण वह अपने परिवार के लिये खाद्य समाग्री नहीं ले पा रहे हैं। और न ही वे अपने परिवार के साथ अपने घर ही जा पा रहे है। थाना रानीपोखरी पुलिस द्वारा उन परिवारों के भरण पोषण के लिए खाद्य सामग्रीयों का एक पैकेट जिसमें आटा, चावल दालें, मसालें, तेल, माचिस, सोयाबीन,सब्जी, नमक आदि रखकर कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान रखते हुयें वितरित किया गया।

कल मार्केट आवश्यक वस्तुओं के लिए सुबह 7 से 1 बजे तक खुलेगी

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देहरादून–मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देर सांय वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोरोना वायरस की अद्यतन स्थिति और इसके संक्रमण को कम करने के लिए की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गेहूँ की आटा मिलें चलती रहें, ये सुनिश्चित कर लिया जाए। पंजीकृत और अन्य श्रमिकों व अन्य ज़रूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। आवश्यक सावधानियां बरतते हुए फार्मा इंडस्ट्री चलती रहें। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, उनको होम क्वारेंटाईन कराया जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों जिनकी रिपोर्ट लम्बित है को सख्ती के साथ घर पर क्वारेंटाईन किया जाए। इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। जिलाधिकारी इनको क्रास चेक करा लें। जिलों में होम डिलीवरी व्यवस्था को मजबूत करें। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अभी तक की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार आपसी समन्वय से आगे भी काम करना है। कोई  छोटी से छोटी कोताही भी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर देहरादून व हल्द्वानी में 500 बेड के प्री फैब कोरोना अस्पताल बनाए जा सकते है...

इधर लॉक डाउन उधर मजदूर घरों को निकले

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   देहरादून–रविवार का दिन अक्सर इस देश की जनता पर भारी पड़ता हैं। कारण जब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 8:00 बजे राष्ट्र को संबोधन करने के लिए आते हैं। पहले नोट बंदी और अब लॉकडाउन तो कुछ ना कुछ ऐसा ही होता है जो देश की जनता पर भारी पड़ा ही जाता हैं। ऐसे ही पिछले रविवार 22 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम एक कड़ा संदेश प्रसारित किया जिसमें कोरोना वायरस को लेकर उठाए जा रहे कदमों का देश के नागरिकों के साथ  चर्चा करते हुए कहा कि 22 तारीख को रात 12:00 बजे के बाद संपूर्ण देश में लॉक डाउन हो जाएगा मगर प्रधानमंत्री ने यह नहीं कहा कि उन गरीब मजदूरों का क्या होगा जो दैनिक दिहाड़ी पर काम करते हैं। और अपना रोजी रोटी कमाते हैं।    उन ठेकेदारों को क्यों नहीं आदेश दिया जिनके पास वह गरीब मजदूर देश के विभिन्न भागों से उन ठेकेदारों के लिए काम करते हैं। और विपदा की घड़ी में वहीं ठेकेदार अपने मजदूरों को भुखमरी की कगार पर छोड़ देते हैं। ऐसी ही घटना आज जब मैं शहर की कवरेज करता हुआ नेहरू कॉलोनी की तरफ पहुंचा तो मुझे 10 से12 मजदूर लाइन से आते हुए दिखा...

चार दिनों से भूखे व पैदल ही उत्तरकाशी से चले हैं मजदूर

देहरादून–रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ बजे कहा कि 22 तारीख की रात 12:00 बजे के बाद संपूर्ण देश में लॉकडाउन हो जाएगा।   आज नेहरू कॉलोनी की तरफ  10 से12 मजदूर लाइन से आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने उनसे पूछा कि कहां जाएंगे तो उन्होंने कहा कि हम यूपी के छुटमलपुर जाना हैं। सुंदर गांव में जाना हैं। हम उत्तरकाशी मैं  ऑल वेदर रोड    नेशनल हाईवे 94 में काम कर रहे थे।जब प्रधानमंत्री ने 22 तारीख को लॉकडाउन की घोषणा की ते हमारे ठेकेदार ने हमें वापस कर दिया हैं।   और हम सब 23 तारीख को उत्तरकाशी से चलकर आज 26 तारीख को पैदल-पैदल भटकते हुए वह देहरादून पहुंचे। उनसे पूछा पर की कुछ रास्ते में खाना वाना भी खाया कि नहीं तो उन्होंने कहा हमें कहीं भी खाना नहीं मिला सिर्फ हम पानी के सहारे उत्तरकाशी से देहरादून तक पहुंचे हैं। कहीं हमें खाने को नहीं मिला सिर्फ पानी का ही आसरा है जो हम उसी के सारे पहुंचे हैं। और आगे भी कहीं संभावना नहीं लगती है कि हमें  खाने का कोई  प्रबंध हो पाए है।बस हम सकुशल अपने अपने  घर पहुंच जाये ।