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प्रथम ऑल इंडिया गर्ल्स कप

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देहरादून-उत्तराखंड यूथ 20-20 क्रिकेट एसोसिएशन और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सहयोग से प्रथम ऑल इंडिया गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कासिगा स्कूल के मैदान पर 23 मई से किया जा रहा है।उक्त प्रतियोगिता में देशभर से 16 टीमे प्रतिभाग करेंगी। उत्तराखंड से कुमाउनी, गढ़वाल समेत तीन टीमे हिस्सा लेंगी।उत्तराखंड यूथ 20-20 क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव जावेद बट्ट ने विस्प्रिंग विलो में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राजधानी देहरादून में स्वर्गीय मयवंती बत्ता मेमोरियल ऑल इंडिया गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट काआयोजन 23 मई से होने जा रहा है बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं के नारे को आगे बढ़ाते हुए हम बेटी खिलाओं की सोच के साथ उत्तराखंड में पहली बार गर्ल्स क्रिकेट का आयोजन करने जा रहे हैं। दून में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट का शुभारंभ 23 मई को कासिगा स्कूल में किया जाएगा और समापन 2 जून को प्रस्तावित है। पहली बार देहरादून में आयोजित होने वाले गर्ल्स टूर्नामेंट में देश की कुल 16 टीमें प्रतिभाग करेंगी, जिनमें मुम्बई, गोवा, मध्य प्रदेश, कर्नाटका, हरियाणा, चंडीगढ़, हिम...

गंगोत्री से लेकर गंगासागर में गिरते नाले व अपशिष्ट-ओझा

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ऋषिकेश-विश्वविख्यात कथा वाचक रमेश भाई ओझा गंगोत्री में आयोजित दिव्य कथा का समापन कर परमार्थ निकेतन पधारे। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने रमेश भाई ओझा  का सहृदय अभिनन्दन किया। दोनों आध्यात्मिक महात्माओं ने वेदान्त के साथ आध्यात्मिक और सामाजिक विषयों पर विशद चर्चा की। उन्होने कथाओं के माध्यम से समाज को एकता के सूत्र में बांधना, सामाजिक सद्भाव, सामंजस्यता, शान्ति एवं सौहार्दता के माध्यम से राष्टहित में कार्य करने हेतु युवा जागरण गतिविधियों पर जोर देने की बात कही।स्वामी  चिदानन्द सरस्वती ने 2019 के प्रयाग कुम्भ के विषय में चर्चा करते हुये कहा, महाकुम्भ के दौरान वहां उपस्थित सभी कथाकारों, अखाड़ों, संतों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की समाज में व्याप्त सामाजिक और पर्यावरण से सम्बंधित समस्याओं के निवारण के लिये जिम्मेदारी और जवाबदेही निश्चित की जानी चाहिये। साथ ही गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक गंगा में गिरते नाले; गंगा के तटों पर अपशिष्ट निस्तारण गंगा में कैमिकल युक्त अपशिष्ट को प्रवाहित करना तथा संतों द्वारा गंगा में जल समाधि लेना आदि जैसे विषयाें पर कुम...

प्रदेश के लाख लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा......

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शिमला -प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के तहत  प्रदेश के 5.38 लाख लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के तहत आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत  शिमला में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की मौजूदगी में केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव  प्रीति सूदन एवं प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव  नितेश झा के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।  इस अवसर पर शिमला में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन विषय पर आयोजित कार्यशाला आयोजित की गई। कार्याशाला में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री  ब्रह्म मोहिन्द्र, हिमांचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, जम्मू कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री  देवेन्द्र मनयाल एवं हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संवेदनशील एवं सजग है। स्वास्थ्य से...

भा. ज.पा. कार्यकर्ता की व्यथा

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सेवा मे, श्री अजय भट्ट जी, प्रदेश अध्यक्ष भा. ज.प उत्तराखंड विषय:- देहरादून महापौर सीट पर प्रत्याशी बनाये जाने हेतु । महोदय,           आप से निवेदन इसप्रकार है की पूर्व में हुए विधानसभा चुनावों में महिला मोर्चा को मात्र 2 सीटो पर पार्टी का टिकट दिया गया वो भी अनुसूचित जाति महिला और अनुसूचित जनजाति महिला ।मेरा टिकट भी देहरादून कैण्ट विधानसभा से काट दिया गया । हर चुनाव में पार्टी महिला मोर्चा की अनदेखी कर रहा है जबकि उत्तराखंड प्रदेश में 55% मतदाता महिलाएं है। और प्रत्येक चुनाव में महिला मोर्चा पार्टी को विजय बनाने हेतु बढ़ चढ़ कर कार्य करता है परंतु महिलाओं को जब भी कुछ देने की बात आती है तो पुरूष प्रधान समाज उनका हक मार जाता है। महोदय से अनूरोध है कि प्रदेश में होने वाले आगामी नगर निकाय चुनाव में देहरादून नगर निगम के महापौर पद पर  मुझे पार्टी का प्रत्याशी बनाया जाए और  भातीय जनता पार्टी उत्तराखंड महिला मोर्चे के मनोबल बढ़ाये। मैं अपने राजनैतिक जीवन में पार्टी के विभिन्न पदों पर कार्य कर चुकी हूं । पूर्व में मेरे द्वारा जिला अध्यक्ष मह...

बारात की बस पलटी तीन घायल

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टिहरी-  शाम के समय लगभग 16:25 बजे बस संख्या UK 14pa0119 जो कि देहरादून से बारात लेकर मुयाल गांव घनसाली जा रही थी कि ताछला में तीव्र मोड़ पर ब्रेक फेल होने के कारण रोड पर पलट गई जिसमें  करीब 27 बराती होने की सूचना पर तत्काल पुलिस चौकी जाजल अगराखाल से पुलिस द्वारा मय आपदा उपकरणों के मौके पर पहुँच कर रेस्क्यू कर बस के अंदर से सवारियों को निकाला गया बस में 27 सवारियां बैठी थी जिनमे 3 सवारियों को हल्की चोटें आई जिनको मौके पर करीब प्राथमिक उपचार के बाद सभी सवारियों को गंतव्य को रवाना किया गया घायलों का विवरण 1- दिनेश पुत्र मोहन निवासी ग्राम मुयाल गांव,घनसाली जिला टिहरी गण उम्र 30 वर्ष  2- महावीर पुत्र गोविंद सिंह निवासी ग्राम मुयाल गांव घनसाली जिला टिहरी गढ़वाल उम्र 25 वर्ष-3 - शशि ममगाई, पुत्री  स्वर्गीय जय नंद निवासी माता मंदिर अजबपुर देहरादून उम्र 57 वर्ष को हल्की फुल्की चोटें आईआई,

भौतिकता से दूर आध्यात्मिक वातावरण में परिणय सूत्र में बंधा रशियन जोड़ा

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ऋषिकेश- परमार्थ गंगा तट पर सादगी, दिव्यता और वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ रूस के सोची शहर से आया रशियन जोड़ विवाह सूत्र में बंधा। इस पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता और ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलांयस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने वर रूस्लान और वधु वेलोवाइवा को सुखी-समृद्ध जीवन का आशीर्वाद स्वरूप पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा दिया तथा दोनों को एक ही माला पहनाकर दो शरीर एक प्राण की तरह जीने का संदेश दिया।विवाह हेतु रूस से ऋषिकेश, परमार्थ गंगा तट पर इस जोड़े को भारतीय संस्कृति और संस्कारों की महिमा खींच लायी।  भौतिकता से दूर आध्यात्मिक वातावरण में वेद मंत्रों के साथ रूस्लान और वेलोवाइवा के सात फेरे लेकर रूस की संस्कृति के साथ भारत की संस्कृति; गंगा की संस्कृति को भी आत्मसात किया।स्वामी चिदानन्द सरस्वती के पावन आशीर्वाद से परमार्थ गुरूकुल के आचार्यो एवं ऋषिकुमारों ने विवाह सम्पन्न किया।स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि ’’पूरी दुनिया में हिन्दू धर्म के अनुयायियों द्वारा अनेक सांस्कृतिक और पांरम्परिक उत्सव मनाये जाते है, उन ...

केदारनाथ में नयी आपाद को आमंत्रित करने ....

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देहरादून--क्या गलतियों का पिटारा गुजराती भाई सुहाग मोदी के लेसर शो की तरह , कथित गुजराती वास्तुविद , निकुल शाह, केदारनाथ मंदिर की विशिष्ठ वास्तु शैली को समाप्त कर केदारनाथ में नयी आपाद को आमंत्रित करने का कारण बनेंगे ? वर्तमान मंदिर के निर्माण का समय - पुरातत्वविद डा0 वाई0 एस0 कटोच के अनुसार , वर्तमान मंदिर 12 वीं शताब्दी में बना। इससे पूर्व भी यहां मंदिर रहा होगा, लेकिन संभवतया बर्फीले तृफान में यह टूट गया होगा। डा0 कटोच ने माना कि, लगभग 200- 250 साल तक मंदिर ध्वस्त रहने के बाद मंदिर वर्तमान स्वरुप में बना।निर्माण शैली - केदारनाथ मंदिर मध्य हिमाद्री शैली के अन्र्तगत ‘‘ छत्र रेखा शिखर प्रासाद शैली’’ में निर्मित है। यह शैली ऊंपरी गढ़वाल की विशिष्ठ शैली है। जमीन पर यह मंदिर वर्गाकार है।क्या मंदिर को जीवित शरीर माना जायेगा?      राजा भोज द्वारा रचित ‘‘समरांगण  सूत्रधार ’’ जो उत्तरीय शैली के मंदिरों के लिए मूल ग्रंथ है के अनुसार मंदिर को ‘‘प्रासाद पुरुष’’’ याने जीवित शरीर माना गया है और मंदिर के भीतर स्थापित मूर्ति को ‘‘ जीवा उच्च्ययते’’ याने उस शरीर (प्रासाद पुरुष ) ...