गर्भवती महिला को साथ ले पैदल ही निकाल पड़े बदायूँ

देहरादून – देश में तीसरे चरण का लॉक डाउन समाप्ति की ओर हैं। और चौथे चरण में लॉक डाउन किस प्रकार से होगा यह किसी को नहीं पता हैं। लेकिन देहरादून या देश में कुछ अफवाहों का बाजार गर्म हैं। और लोग यही कह रहे हैं कि यह लॉक डाउन  कितने समय और महीनों तक रहेगा। इसलिए हमें अपने घर ही जाना हैं।
हम कैसे भी रहे लेकिन अपने घर में रहेंगे। यह स्थिति देश के हर प्रदेश में है जिधर भी देखो उधर मजदूर सड़कों पर पैदल चला जा रहा हैं। लेकिन वह जिधर अपना रोजगार करता था वहां पर नहीं रुक रहा आज मुझे ऐसे ही कुछ व्यक्ति जोकि उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के रहने वाले लोगों का एक जत्था आज जीएमएस रोड से अपने परिवार जिनमें छोटे-छोटे  बच्चे के साथ साइकिल पर समान लाद कर निकल पड़े बदायूं के लिए इसी जत्थे में एक गर्भवती महिला जो पैदल सफर तय करने को मजबूर हुई वह अपनी इस अवस्था में पलायन करने को आखिर क्यों विवश हुई। यह लोग मुझे विधानसभा चौक से हरिद्वार वाले रास्ते पर मिले थे। जो पैदल चले जा रहे थे अपने घरों को विधानसभा चौक पर यह लोग पुल पर अपनी थकान मिटाने के लिए कुछ देर को बैठे हुए थे। तब पुलिस के 2 जवानों ने इनसे पूछा तो इन्होंने
  उन्हें  किया बताया  लेकिन जब मैंने पुलिस  के जवान से पूछा जवान ने कहां की इनको बालावाला जाना हैं। इस लिए इन्हें जाने दिया। ये लोग जब जोगीवाला चौक पहुंचे। और जोगीवाला पुलिस चौकी पर इन्हें रोक लिया और इन लोगों   से जब पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि हमें
बदायूं जाना हैं। तब पुलिस कर्मियों ने इन्हें वहीं पर बैठा दिया और लगभग 2 घंटे के बाद इन्हें एक ट्रक से वापस देहरादून के लिए कर दिया वही जब यह लोग मिले थे। तो एक व्यक्ति भी मिला जो जिसका काम बिस्कुट बनाने का हैं। उसने कहा मुझे मजदूर नहीं मिल रहे हैं। और अपने कारोबार चलाने में बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा हैं। अब प्रश्न यह है कि मजदूर आखिर क्यों यहां से पलायन कर रहे हैं। और जब यहां पर सरकार ने सभी प्रकार के काम खोल दिए है तो यह लोग काम क्यों नहीं कर रहे हैं। ज्यादातर मजदूर निर्माण कार्य से जुड़े हुए ठेकेदारों के पास काम करते है और लगभग निर्माण कार्य के लिए भी सरकार ने परमिशन दे दी हैं। तब भी यह लोग यहां काम करने को तैयार नहीं हैं। और अपने घर वापस जाना चाहते हैं ऐसे ही घंटा घर पर कुछ युवक जो यहां मजदूरी करते हैं वह मिले और उनसे जब पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी हमें अपने घर जाना है जब कभी हालात सही होगी तब हम यहां वापस काम करने के लिए आ जाएंगे लेकिन अभी हमें यहां नहीं रहना है यहां पर हमें खाने पीने की समस्या भी हो रही है।

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