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अगर मांग ना मानी तो दो जून को एच एमएन संविदा कर्मचारी रहेंगे सामूहिक होम इसोलेशन पर

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देहरादून –राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी कोविड-19 मारी में जान हथेली पर रखकर कर रहे हैं लोगों की सेवा लेकिन सरकार को नहीं आए इनकी चिंता इसीलिए उन्होंने अपनी मांगों को सामने रखते हुए होम आइसोलेशन में जाने की चेतावनी दी है।                ( फाइल फोटो प्रदर्शन करते संविदा कर्मचारी) राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मियों की मांग कि हम जान पर खेल कर कोविड में कार्य कर रहे हैं, समस्त कर्मचारियों गोल्डन कार्ड/सामूहिक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिले। दो सेवाकाल में मृत्यु होने पर उचित आर्थिक सहायता परिवार को मिले। एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी।तीन 2018 से भारत सरकार द्वारा दिया गया लॉयल्टी लंबित है, बोनस राज्य स्तर से निर्गत करने के मांग। चार पूर्व में कई गयी वेतन विसंगति दूर की जाए। पांच 15 वर्ष से सेवा कर रहे कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग के ढांचे में समान पद पर समायोजन/पद सृजन किया जाय। छ: कर्मियों की सेवा नियमावली बनाई जाय। सात राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति तत्काल रोकी जाए। आठ स्वास्थ्य विभाग के ढांचागत पदों क...

एस डी आर एफ ने नदी में फसे लोगो का किया रेस्क्यू

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 हरिद्वार – शुक्रवार की सुबह एस डी आर एफ को कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि रात्रि अतिवृष्टि होने से बल्ला वाला, लक्सर हरिद्वार में बरसाती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया जिस पर बने टापू पर लगभग 70 से 75 लोग फंस गए है। सूचना मिलते ही ढालवाला से  एस डी आर एफ की डीप डाइविंग रेस्क्यू टीम फ्लड इक्विपमेंट के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू कार्य शुरू किया। ये लोग गुर्जर है जो नदी किनारे खेतीबाड़ी का काम करते हैं, भारी बारिश से अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से वही फस गए। एस डी आर एफ की रेस्क्यू टीम द्वारा तत्काल घटनास्थल पर पहुँचकर रेस्क्यू करते हुए 40 से 50 लोगो को सुरक्षित निकाल लिया है, टीम वही मोके पर मौजूद है व रेस्क्यू कार्य चल रहा है।  वही टनकपुर पुलिस उपाधीक्षक द्वारा एस डी आर एफ को सूचित किया गया कि शारदा बैराज, टनकपुर में कुछ लोग नदी का जलस्तर बढ़ने से दूसरी ओर फस गए है, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एस डी आर एफ टीम की आवश्यकता है। इस सूचना पर पोस्ट हल्द्वानी से एस डी आर एफ  डीप डाइविंग रेस्क्यू टीम मय रेस्क्यू उपकरणों के SI राजेश जोशी के हमराह तत्काल घटनास्...

नही रहे पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा

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ऋषिकेश–कोविड उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा का निधन हो गया। सुन्दरलाल बहुगुणा पिछले कुछ दिनों  से लाइफ सपोर्ट पर थे। एम्स के चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुई थी। उनकी स्थिति कई दिनों से स्थिर बनी हुई थी।  पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा का शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान देहांत हो गया। वह डायबिटीज व हाईपरटेंशन के पेशेंट थे और उन्हें कोविड निमोनिया की शिकायत थी।                                गौरतलब है कि 94 वर्षीय बहुगुणा को कोरोना संक्रमित होने के बाद से बीती 8 मई को एम्स, ऋषिकेश में भर्ती किया गया था। संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि  सुन्दरलाल  बहुगुणा को उपचार के दौरान शुक्रवार को निधन हो गया। वह मधुमेह व उच्चरक्तचाप के मरीज थे व पिछले कुछ दिनों से लाइफ सपोर्ट पर थे।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 25 करोड़ मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये

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देहरादून – वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोरोना से जंग लड़ने के लिए 25 करोड़ की धनराशि का योगदान मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है। इस धनराशि का चेक उन्होंने आज मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को सचिवालय स्थित कार्यालय में भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आनंद वर्धन, सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसपी सुबुद्धि भी उपस्थित थे।   इसके बाद मीडिया सेन्टर में आयोजित पत्रकार वार्ता में वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने प्रदेश के सभी व्यक्तियों, संस्थाओं व संगठनों से आग्रह किया है कि वैश्विक महामारी की वजह से पैदा हुए इस संकट में अपना यथासंभव आर्थिक योगदान मुख्यमंत्री राहत कोष में दें ताकि सरकार इससे पर्याप्त संसाधन जुटाकर मजबूती के साथ कोरोना से लड़ाई लड़ सके। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 50 करोड़ की राशि कोरोना काल में मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर साल पर्यावरण शुल्क लेता है। इससे हुई आमदनी से बोर्ड हम...

आटीपीसीआर टैस्ट में ओवर रेटिंग करने वाले 02 लैब संचालको को किया गिरफ्तार

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ऋषिकेश –कोरोना काल में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जीवन रक्षक दवाओ/ उपकरणों की ओवर रेटिंग व कालाबाजारी करने वाले व्यक्तियों की धरपकड़ को गठित की गयी टीमों द्वारा आटीपीसीआर टैस्ट के एवज में ओवर रेटिंग करने वाले 02  लैब संचालको को रानीपोखरी व ऋषिकेष क्षेत्र से किया गिरफ्तार।दून पुलिस द्वारा आम जनमानस तक दवाईयों , जीवन रक्षक उपकरणों व अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे है। दून पुलिस के कार्यो से प्रेरित होकर, कई सामाजिक संस्थाओं /व्यक्तियो द्वारा आगे आते हुये लोगो की हर सम्भव सहायता की जा रही है परन्तु विपदा के इस दौर में कई लोगो द्वारा अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए जीवन रक्षक दवाईयों, उपकरणों की कालाबाजारी व कोरोना से सम्बन्धित जॉचो में ओवर रेटिंग की जा रही है। ऐसे व्यक्तियो के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करने तथा दवाईयों, जीवन रक्षक उपकरणों की कालाबाजारी व कोरोना से सम्बन्धित जॉंचो में ओवर रेटिंग को रोकने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून महोदय द्वारा जनपद के नगर व ग्रामीण क्षेत्रो में एस0ओ0जी0 व थाना पुलिस का अलग-अलग टी...

क्वांसी के बिजनाड छानी में बादल फटा तीन लापता

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  देहरादून – तहसील चकराता के अंतर्गत ग्राम पंचायत जोगियों के ग्राम क्वांसी के  बिजनाड छानी में बादल फटने के कारण दबे हुए  एक व्यक्ति की बॉडी निकाल दी गई ।  2 लड़किया अभी लापता है। जिनका ख़ोज एवं बचाव कार्य एस डी आर एफ की टीम,पुलिस और  ग्रामीणों द्वारा जारी है। लापता में मुना 32 वर्ष,काजल 13 वर्ष, साक्षी 13 वर्ष हैं।

ब्लैक फंगस के लिए एम्स में अलग से विशेष वार्ड

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 ऋषिकेश –अत्यधिक संक्रामक बीमारी म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के निदान के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में अलग से एक विशेष वार्ड स्थापित किया गया है। जिसमें ब्लैक फंगस से ग्रसित रोगियों का उपचार विभिन्न विभागों के 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जाएगा।  निदेशक एम्स प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस एक घातक एंजियोइनवेसिव फंगल संक्रमण है, जो मुख्यरूप से नाक के माध्यम से हमारी श्वास नली में प्रवेश करता है। मगर इससे घबराने की नहीं बल्कि सही समय पर इलाज शुरू कराने की आवश्यकता है।                      एम्स के नोडल ऑफिसर कोविड डाॅ. पी.के. पण्डा ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस के उपचार के लिए गठित 15 सदस्यीय चिकित्सकीय दल इस बीमारी का इलाज, रोकथाम और आम लोगों को जागरुक करने का कार्य करेगी। टीम के हेड और ईएनटी के विशेषज्ञ सर्जन डा. अमित त्यागी जी ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस के रोगियों के इलाज के लिए अलग से एक म्यूकर वार्ड बनाया गया है। जिसमें सीसीयू बेड, एचडीयू बेड और अन्य आवश्यक संसाधन उप...