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द्वितीय केदार मद्महेश्वर एवं तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट की तिथि घोषित

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उखीमठ –चारधाम यात्रा वर्ष २०२० में द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 11 मई को खुलेंगे।7 मई को भगवान मदमहेश्वर गर्भगृह से सभा मण्डप के लिए प्रस्थान करेंगे।8 मई को पारम्परिक छाबड़ी व 9 मई ऊखीमठ से रात्रि विश्राम के लिए रांसी के लिए प्रस्थान।10 मई को रात्रि विश्राम के लिए रांसी से गौंडार। और 11 मई को गौंडार से मदमहेश्वर धाम प्रस्थान एवं 11 मई को ही सिंह लग्न में आम भक्तों के दर्शन के लिए कपाट खोल दिए जायेंगे।तुंगनाथ मंदिर के कपाट इस यात्रा वर्ष २०२० में २० मई को खुलेंगे जिसका कार्यक्रम निन्नवत है।18 मई को मक्कुमठ में पूणखी एवं रात्रि विश्राम भूतनाथ मन्दिर मक्कुमठ में।१९मई को भूतनाथ मन्दिर मक्कुमठ से रात्रि विश्राम हेतु चोपता । २० मई को चोपता से तुंगनाथ मंदिर ,,,एवं २० मई  बुधवार को  कर्क लग्न अश्वनि नक्षत्र ११:३0 मिनट पर भगवान तुंगनाथ जी कपाट आम भक्तों के लिए खोल दिए जायेंगे। मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने जानकारी दी है।

बाहर भी लाठी अंदर भी लाठी चली सब्जी विक्रेताओं पर

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देहरादून- मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र रावत  ने कहा कि हम किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने देंगे खाद्य सामग्री को लेकर प्रदेश में जब की मंडी के अंदर  की यह स्थिति है।सोमवार की सुबह को करीब एक बजे निरंजनपुर सब्जी मंडी में सब्जी की खरीद के लिए गए रेडी पटरी वाले दुकानदारों को आज मंडी सचिव ने उनके प्रशासन के द्वारा बनाए गए पास को रद्द कर दिया और कहा कि मंडी समिति के ही पास को हम इजाजत देंगे अंदर जाने की, जबकि रेडी वाले  सब्जी खरीदने के लिए रात को ही मंडी चले जाते हैं। सोमवार की सुबह को लंबी लंबी लाइन लगी रही निरंजनपुर मंडी में फुटकर विक्रेताओं की अंदर जाने के लिए चार-चार घन्टे से भी ज्याद का समय लगा लेकिन उन्हें सब्जी खरीदने नही दिया। और उन्हें बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे ही एलआईसी बिल्डिंग में सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले कुछ लोगों ने बताया कि हम रात 1:00 बजे से ही निरंजनपुर सब्जी मंडी में सब्जी लेने गए हुए थे जब तीन - चार घंटे बाद हमारा नंबर आया तो सचिव ने हमारा पास रद्द कर दिया और कहा कि यह पास नहीं चलेगा जिसके कारण हमें बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा, तो व...

आरोग्य सेतु एप्प वायरस संक्रमण के खतरे बताता है

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देहरादून –कोरोना के सम्बंध में राज्य सरकार की तैयारियां हेतु किये जा रहे प्रयासों का विवरण जिसमें रिदिम अग्रवाल,अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि आरोग्य सेतु एप्प भारत सरकार द्वारा संचालित एप्प है। यह एप्प लोगों को वायरस संक्रमण के खतरे औऱ जोखिम का आकंलन करने में मदद करता है। यह एप्प सभी प्रकार के स्मार्टफोन/नांन स्मार्ट फोन पर उपलब्ध है।  इसे गूगल प्ले स्टोर व आईओएस दोनों पर डाउनलोड किया जा सकता है। यह खास एप्प आपके आसपास मौजूद कोरोना पांजिटिव लोगों के बारें में पता लगाने में मदद करेगा। यह एप्प डाउनलोड करते ही अपने मोबाइल के ब्लूटूथ व जीपीएस ओन करते ही यह एप्प सक्रिय होकर आपके आसपास कोरोना सक्रंमित व्यक्ति के बारे में जानकारी देगा। यह  सरकारा द्वारा आपको सुराक्षित रखने का प्रयास है, एप्प हरे और पीले रंग के कोडों में आपको जोखिम के स्तर को दिखाता है, साथ ही सुझाव देता है, कि आपको क्या करना चाहिये, अगर आपको ग्रीन में दिखाया जाता है तो मतलब “आप सुराक्षित है” तो कोई खतरा नहीं है। अगर आपको पीले रंग में दिखाया जाता है तो “ आपको बहुत जोख...

स्वास्थ्य और पुलिस कर्मियों के साथ कोई दुर्व्यवहार न हो-सीएम

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देहरादून–मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंसिग में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चल रहे कामों से प्रदेश में कोरोना संक्रामक की स्थिति का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अवगत करवाया वही मुख्यमंत्री ने लॉक डाउन को आगे भी जारी करने का प्रस्ताव रखा वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया हैं। कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो निर्देश दिये हैं। उनका पालन किया जाए। एक दो दिन में आगे के लिए केन्द्र से गाइड लाइन आ जाएगी। इसकी अनुपालना सुनिश्चित करनी है। आरोग्य सेतु मोबाईल एप की उपयोगिता को देखते हुए इसे डाउनलोड करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाए। प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार कोरोना वायरस से लङने के लिए सामाजिक और हर सम्भव प्रयास करने हैं।  यह भी सुनिश्चित किया जाए कि हमारे स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार न हो। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आवश्यकता होने पर टेस्टिंग लेब बढाने का प्रयास किया...

व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण को चाहे दो मिनट पहने या दो घंटे

देहरादून– पटेल नगर के इंडस्ट्रियल एरिया में  पी पी ई किट  बनाई जा रही हैं। इस किट को बनाने वाली कंपनी के मालिक अंकित ने बताया कि यह किट एक बार प्रयोग की जाती हैं। और इसको बनाने में काफी समय लगता है, जिस कारण इसकी बहुत ज्यादा कमी भी है।और इसकी देश में मांग भी बहुत अधिक है, क्योंकि जो डॉक्टर इसे पहनकर संक्रमित व्यक्ति के पास इलाज के लिए जाता हैं। है। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण चाहे दो मिनट पहने या दो घंटे पहने जैसे ही डॉक्टर या कोई भी इसे उतार देगा उसके बाद यह इस्तेमाल के लायक नहीं रहती हैं। इसी कारण से इसकी कमी हैं। और मांग ज्यादा है लेकिन वही लॉक डाउन की वजह से कारीगर भी नहीं हैं। जिसकी वजह से इसका प्रोडक्शन भी ज्यादा नहीं हो पा रहा नोवल कोरोनावायरस कोविड-19 के इलाज के लिए मेडिकल टीमों को सबसे ज्यादा पीपीई यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण की जरूरत होती हैं। जिसका प्रयोग डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों के इलाज के दौरान करते हैं। व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उन्हें वायरस से प्रोटेक्ट करती है। वायरस से प्रोटेक्ट करने के लिए इसे बेहद खास तरीके से बनाय...

दिन में एक बार ही लोगों को खाना मिलता हैं

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देहरादून-  उत्तराखंड की अस्थाई राजधानी देहरादून के राजपुर थाने की चौकी जाखन चौकी के क्षेत्र में पॉश कॉलोनी जाखन कि हैप्पी कॉलोनी से लगी गब्बर सिंह बस्ती में लॉक डाउन के बाद से ही वहाँ पर रहने वाले मजदूरों को खाने की समस्या  मुंहबॉय खड़ी हैं। बस्ती में लगभग 400 से 500 लोग रहते हैं।वही छोटे बच्चे भी हैं जो खाने के लिए मां बाप को कहते हैं और दूधमुहे बच्चे भी हैं। जिन्हें दूध व पोस्टिक आहार की भी जरूरत होती हैं। लेकिन लॉक डाउन की वजह से उन्हें यह सब चीजें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।वही लगे लोग कहते है की दिन में केवल एक ही बार खाना नसीब होता हैं।  लोगों ने कहाकि सरकारी मदद हमे नहीं मिली रही हैं। और उन्होंने कहा कि हमे बड़े घर वाले कुछ खाने पीने को थोड़ा बहुत दे देते हैं। लेकिन ना ही किसी नेता ने और ना ही जिला प्रशासन ने हमारे पर ध्यान दिया हैं। ऐसा इन लोगों का कहना हैं। जबकि यहां पर दोपहर का खाना प्रशासन व पुलिस के द्वारा जो की लगभग डेढ़ सौ पैकेट बना हुआ भोजन इस बस्ती में दिन में एक बार लोगों को बांटा जाता हैं। जबकि यहां पर   काफी मजदूर व अन्य लोग रहते हैं।और कुछ...

होम्योपैथिक पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल फ्रेडिक हैनीमैन की जयंती

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देहरादून–मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल फ्रेडिक हैनीमैन की 265 वी जयंती पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहाकि होम्योपैथी विश्व भर में अपनी स्वीकार्यता एवं प्रभावकारिता की दृष्टि से एक अग्रणी चिकित्सा पद्धति के रूप में उभरी हैं।होम्योपैथी का इलाज कम खर्चीला एवं प्रभावशाली भी हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने होम्योपैथी के सभी चिकित्सकों को डॉ हैनीमैन जयंती की शुभकामनाएं दी हैं।उन्होंने कहा कि कोविड-19 में भी होम्योपैथी चिकित्सक अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। होम्योपैथी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा हैं। अनेक प्रकार के रोगों के इलाज के लिए होम्योपैथी काफी कारगर सिद्ध हुई हैं। स्किन, चर्म रोग, पथरी, माइग्रेन एवं पेट से संबंधित रोगों के निदान के लिए होम्योपैथी की दवा लाभकारी सिद्ध हुई हैं। होम्योपैथिक की अनेक औषधियां बनती हैं। उत्तराखंड में आयुष को एक सक्षम स्वास्थ्य सेवा के रूप में विकसित किए जाने के प्रयास किए जा रहे है।होम्योपैथिक चिकित्सक डॉक्टर सुनील कुमार डिमरी न...