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मुख्य सचिव द्वारा ब्यास घाटी के सात गांवों का निरीक्षण

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पिथौरागढ़ – जनपद पिथौरागढ़ के तहसील धारचूला के सीमान्त क्षेत्र ब्यास घाटी के भ्रमण पर पहुॅचे प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा ब्यास घाटी क्षेत्र के 07 गांव बूंदी, गर्ब्याग, नपल्चू, गुंजी, नाबी, रोंगकांग एवं कुटी में संचालित विभिन्न योजनाओं के अतिरिक्त बी0आर0ओ0 द्वारा सीमान्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य व पर्यटन के क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यो का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होने भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल गुंजी के सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सेना, अर्ध सैन्य बलों, बी0आर0ओ0 के अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिये गये।  बैठक में जिलाधिकारी द्वारा ब्यास घाटी अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यो के बारे में मुख्य सचिव को अवगत कराया। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने ग्राम सभा रोंगकांग में ग्रामीणों की सड़क सुविधा की मांग के अन्तर्गत अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अस्कोट को निर्देश दिये कि वह शीघ्र ही रोंगकांग को सड़क सुविधा को जोड़े जाने हेतु कुटी नदी में मोटर...

आयुर्वेद टूटी-फूटी झोंपड़ियों में दम तोड़ ....

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हरिद्वार– भारतवर्ष में हमारे वैज्ञानिक ऋषियों, हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर व विश्व की सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद टूटी-फूटी झोंपड़ियों में दम तोड़ रही थी। आयुर्वेद को जो जनस्वीकार्यता मिलनी चाहिए थी, वह चंद लालची लोगों के षड्यंत्र व भ्रामक प्रचार के कारण नहीं मिल पा रही थी।ऐसे में आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि योगपीठ के प्रयासों से आयुर्वेद को मानो संजीवनी मिल गई। आयुर्वेद की पुनः स्वीकार्यता का कार्य पतंजलि के प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। इसी कड़ी में एक नई पहल करते हुए पतंजलि अनुसंधान संस्थान में आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एक नई अनुसंधान लैब का उद्घाटन गुरुदेव आचार्य प्रद्युम्न तथा आचार्य बालकृष्ण द्वारा किया गया।  इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि इस लैब के निर्माण का एकमात्र उद्देश्य आयुर्वेद को विश्व की सर्वोच्च औषध प्रणाली (Medicinal System) के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पतंजलि के प्रयासों से देश ही नहीं अपितु पूरे विश्व में आयुर्वेद की स्वीकार्यता बढ़ी है। लोग भारतीय ऋषियों के गहन अनुसंधान आधारित सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति की ओर लौट र...

जो न्याय के सिपाही हैं, सदैव न्याय प्रिय, सत्यप्रिय बने -राज्यपाल

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देहरादून–राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य स राजभवन में उत्तराखण्ड सरकार के 23 प्रशिक्षु सहायक अभियोजन अधिकारियों के बैच से मुलाकात की। राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य ने कहा कि न्यायालयों में अभियोजन अधिकारी महिलाओं से जुडे़ मामलों पर संवेदनशीलता व ईमानदारी से कार्य करें। अभियोजन अधिकारी न्याय के कार्यों में बिना किसी दबाव के निडरता से कार्य करें। निर्धन एवं पीड़ित लोगों की सहायता हेतु स्वप्रेरणा से आगे आये। न्याय भावना, नैतिक मूल्यों को न्याय कार्यों में सर्वोपरि रखें।यह विचार राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि अभियोजन अधिकारियों का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। पुलिस अपराधियों को पकड़ सकती है लेकिन जब तक न्यायालय में उनका दोष सिद्ध नहीं होता और उन्हें सजा नहीं होती तब तक न्याय नहीं होता। इस कार्य के लिए अभियोजन अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य ने कहा कि आज के बदलते दौर में, साइबर अपराध और वित्तीय अपराध के नये तरीके सामने आ रहे हैं ऐसे में अभियोजन पक्ष को भी सदैव अपडेट रहना होगा। राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य ने कहा कि अभियोजन अधिकारी अपने का...

पर्यावरण संरक्षण के लिए वेस्ट को बेस्ट में बदले- मुख्यमंत्री

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देहरातून– मुख्यमंत्री आवास में घरेलू कूड़े से जैविक खाद बनाने की विधि का प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि घर के कूड़े कचरे को कम्पोस्ट में बदलकर अच्छी खाद तैयार करने की यह आसान विधि है। हर व्यक्ति अपने घरों में इस विधि को अपना सकता है। इस विधि से वेस्ट को बेस्ट में बदलकर हम स्वच्छता अभियान में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं। यह विधि कचरे से होने वाले वायु व जल प्रदूषण को रोकने में भी कारगर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी काॅलोनियों में जैविक व अजैविक कूड़े का पृथ्थकीकरण करते हुए जैविक कूडे़ की विकेन्द्रित कम्पोस्टिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं।  सिंचाई विभाग व वेस्ट वाॅरियर टीम ने घरेलू कूडे से जैविक खाद बनाने की विधि के बारे में जानकारी दी गई। इस विधि में गीले व सूखे कूड़े को अलग करना होगा। खाद बनाने के लिए पहले सूखे कूड़े को एकत्र कर उसके ऊपर काॅकपिट की लेयर बनाई जाती है। इसके उपरान्त उसके ऊपर गीला कूड़ा डाला जाता है तथा काॅकपिट की लेयर बनाई जाती है। यह खाद दो से तीन माह में तैयार हो जाती है।  इस अवसर पर सचिव डाॅ. भूपेन्द्...

पेड़ हैं तो पानी हैं तो जीवन हैं

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देहरादून–मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत  ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हम सभी के अणुप्रयास की जरूरत है।  रामसेतु के निर्माण में जिस प्रकार एक गिलहरी भी अपना योगदान दे रही थी उसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण में छोटी से छोटी कोशिश भी बहुत महत्वपूर्ण है। छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर ही बडा परिवर्तन लाती हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने  पर्यावरण व वनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए डाक विभाग उत्तराखंड परिमण्डल द्वारा आयोजित वाकिंग रेस को रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति हमे प्रकृति से जोड़ती है। हमारे यहाँ  पेड़ पौधों, नदियों, कुओं व पशुओं की पूजा की जाती है। इसके पीछे वैज्ञानिक आधार रहा है। पीपल, बरगद, तुलसी, गाय के गुणों को आज विज्ञान भी मानता है। हमारे पूर्वजों ने जो ज्ञान की धरोहर सौंपी है उस पर चलकर ही प्रकृति व पर्यावरण का संरक्षण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व नीति आयोग ने जल संचय- जल संरक्षण पर बल दिया है।   राज्य सरकार भी इसके लिए प्रयासरत है। हर जिले में एक-एक वाटरशेड विकसित करने के निर्देश दिये...

हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्रियों सम्मेलन की समीक्षा बैठक लेते – जिलाधिकारी

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देहरादून – जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मसूरी में हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के होने वाले सम्मेलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक लेते हुए सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि कार्यक्रम की तैयारी से सम्बन्धित  जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट से लेकर पोलोग्राउण्ड मसूरी और मुख्य ईवेन्ट स्थल होटल सेवाय मसूरी तक तीनों स्थानों पर तथा रूट पर अपने विभाग से सम्बन्धित किये जाने वाले सुधारीकरण कार्यों को समय से पूरा करें। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न प्वांईट पर तथा सम्पूर्ण रूट पर लोक निर्माण विभाग को सड़क मार्ग सुधारीकरण, विद्युत व बीएसएनएल को विद्युत पोल तथा विद्युत व टेलीफोन की झूलती लाइनों में सुधार करने, मुख्य चिकित्साधिकारी को मय एम्बुलेंस वाहन सहित मेडिकल टीम उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर निगम और नगर पालिका मसूरी को अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक साफ-सफाई  व्यवस्था बनाये रखने और अनावश्यक तथा अधिकृत होल्डिंग को हटाने, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश व मसूरी की रूट पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त करने...

अंतरा मेमोरीज पुस्तक को लॉन्च करते शेफ विकास खन्ना

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देहरादून –  रोचक कहानियों के संकलन के रूप में  ‘ अंतरा मेमोरीज ’  नाम की पुस्तक में दादा-दादी और पोते-पोतियों के बीच बंधन को मजबूत करने की दिशा में शुरू की गई इस अनूठी पहल के तहत पुस्तक का विमोचन मिशलिन स्टार शेफ विकास खन्ना ने किया। जोकि   55  वर्ष से अधिक उम्र के प्रगतिशील वरिष्ठ नागरिकों के लिए  रोचक कहानियों का संकलन हैं।  यह पुस्तक देहरादून और मसूरी के स्कूलों जैसे वेलहम गर्ल्स ,   सैंट जॉर्ज कॉलेज ,   दून इंटरनेशनल ,   दि एशियन स्कूल ,   समर वैली , कसिगा आदि ,   से प्राप्त  300  प्रविष्टियों में से चुनी गईं  30  बेहतरीन कहानियों का संकलन है। इस पुस्तक में शेफ विकास खन्ना ने भी योगदान दिया हैं।   उन्होंने अपने खाना बनाने की प्रेरणा अपनी  ‘ बीजी ’   के बारे में अपनी कहानी बताई है। लेखक और साहित्यकार रस्किन बांड ने बचपन की सनक और मासूमियत को इस पुस्तक में दिखाया है। इस पहल को अंतरा सीनियर लिविंग द्वारा  8  से  12  साल के स्कूली बच्चों को शामिल कर शुरू किया गया है। ...